1️⃣ सदक़ा-ए-फ़ित्र फ़र्ज़ होने की हदीस हदीस: हज़रत अब्दुल्लाह बिन उमर (रज़ि.) से रिवायत है कि रसूलुल्लाह ﷺ ने रमज़ान के आखिर में सदक़ा-ए-फ़ित्र एक सा‘ खजूर या एक सा‘ जौ हर मुसलमान पर फ़र्ज़ किया, चाहे वह गुलाम हो या आज़ाद, मर्द हो या औरत, छोटा हो या बड़ा। Reference: Sahih al-Bukhari – Hadith 1503 Sahih Muslim – Hadith 984 2️⃣ रोज़े को पाक करने की फ़ज़ीलत हदीस: हज़रत इब्ने अब्बास (रज़ि.) से रिवायत है कि रसूलुल्लाह ﷺ ने सदक़ा-ए-फ़ित्र को रोज़ेदार के लिए बेकार और गलत बातों से पाक करने तथा गरीबों और मिस्कीनों को खाना उपलब्ध कराने के लिए फ़र्ज़ किया। Reference: Sunan Abu Dawud – Hadith 1609 Sunan Ibn Majah – Hadith 1827 3️⃣ ईद की नमाज़ से पहले अदा करने की हिदायत हदीस: रसूलुल्लाह ﷺ ने हुक्म दिया कि सदक़ा-ए-फ़ित्र लोगों के ईद की नमाज़ के लिए निकलने से पहले अदा कर दिया जाए। Reference: Sahih al-Bukhari – Hadith 1509 4️⃣ फ़ित्र की मात्रा (एक सा‘) की हदीस हदीस: हज़रत अबू सईद ख़ुदरी (रज़ि.) फ़रमाते हैं कि हम रसूलुल्लाह ﷺ के ज़माने में सदक़ा-ए-फ़ित्र एक सा‘ खाने की चीज़ से अदा करते थे, जैसे जौ, किशमिश, पनीर या खजूर। Reference: Sahih al-Bukhari – Hadith 1510 Sahih Muslim – Hadith 985 5️⃣ हर मुसलमान पर फ़ित्र वाजिब हदीस: हज़रत अब्दुल्लाह बिन उमर (रज़ि.) बयान करते हैं कि रसूलुल्लाह ﷺ ने सदक़ा-ए-फ़ित्र एक सा‘ खजूर या एक सा‘ जौ हर मुसलमान पर वाजिब किया चाहे वह आज़ाद हो या गुलाम, मर्द हो या औरत, छोटा हो या बड़ा। Reference: Sunan al-Tirmidhi – Hadith 676 6️⃣ नमाज़-ए-ईद से पहले देने की फ़ज़ीलत हदीस: जिसने सदक़ा-ए-फ़ित्र ईद की नमाज़ से पहले अदा किया, तो वह क़बूल किया हुआ सदक़ा है; और जिसने नमाज़ के बाद दिया, तो वह आम सदक़ों में से एक सदक़ा है। Reference: Sunan Abu Dawud – Hadith 1611 Sunan Ibn Majah – Hadith 1827 7️⃣ सहाबा का अमल हदीस: हज़रत अब्दुल्लाह बिन उमर (रज़ि.) फ़रमाते हैं कि सहाबा-ए-किराम ईद-उल-फ़ित्र से एक या दो दिन पहले सदक़ा-ए-फ़ित्र अदा कर दिया करते थे। Reference: Sahih al-Bukhari – Hadith 1511 8️⃣ ग़रीबों को ईद के दिन बे-नियाज़ करना हदीस: रसूलुल्लाह ﷺ ने फ़रमाया: “ईद के दिन गरीबों को इतना दे दो कि वह लोगों से मांगने से बे-नियाज़ हो जाएं।” Reference: Sunan al-Daraqutni – Hadith 2067